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धीमे कछुए का छोटा संगीत समारोह

भाषाहिन्दी
मौलिक कहानी

धीमे कछुए का छोटा संगीत समारोह

ढम, ढम, ढम। जंगल के संगीत समारोह में तुम्हारा स्वागत है, जहाँ सबकी आवाज़ें मिलती हैं।

SANYANGGAE

कैसी आवाज़ होगी?

तेज़ आवाज़ और धीमी आवाज़, दोनों को ध्यान से सुनो। अलग-अलग आवाज़ें मिलें, तो कैसा संगीत बनेगा?

दूरी की छोटी इच्छा

जंगल के दोस्त संगीत समारोह की तैयारी कर रहे थे। कछुआ दूरी भी छोटा ढोल लेकर आया। “मैं भी साथ बजाना चाहता हूँ।” दूरी की आवाज़ धीमी थी, लेकिन साफ़ थी।

ढम, ढम, ढम

दूरी ने पेड़ की छाँव में ढोल बजाया। ढम, ढम, ढम। एक-एक करके धीमे और बराबर स्वर गूँजे, तो घास की पत्तियाँ भी हल्के से हिलीं। दूरी को वह ताल पसंद थी।

बहुत तेज़ अभ्यास

लेकिन खरगोश की घंटियाँ और लोमड़ी की लकड़ी की छड़ियाँ बहुत तेज़ चल रही थीं। दूरी जब तक ढोल एक बार बजाता, दोस्तों की आवाज़ें बहुत आगे बढ़ जातीं।

साथ पकड़ने की चाह

दूरी ने जल्दी-जल्दी ढोल बजाया, तो ताल छूट गई। “शायद मेरी आवाज़ बहुत धीमी है।” आराम के समय उसने ढोल पर हाथ रखा। साथ बजाने की इच्छा अब भी वैसी ही थी।

बारिश के बाद

उस दोपहर अचानक तेज़ बारिश हुई। बारिश थमने पर देखा, तो लकड़ी का मंच एक ओर झुका था। दोस्तों ने बाजे रख दिए और गीले तख्तों के सामने इकट्ठा हुए।

साथ करने की कोशिश

“चलो, साथ उठाएँ!” खरगोश ने पहले उठा लिया, और लोमड़ी ने देर से धक्का दिया। तख्ता फिर खड़खड़ाया। सब ज़ोर लगा रहे थे, लेकिन हर कोई अलग समय पर हिल रहा था।

दूरी की ताल

दूरी लकड़ी के छोटे ठूँठ पर बैठा और ढोल बजाने लगा। ढम, ढम, ढम। “क्या इस आवाज़ के साथ धीरे-धीरे उठाएँ?” दोस्तों ने दूरी की अगली आवाज़ का इंतज़ार किया।

एक ही समय पर चलना

ढम, तैयार हो। ढम, साथ उठाओ। ढम, ध्यान से नीचे रखो। दोस्तों के हाथ-पैर धीरे-धीरे साथ चलने लगे। खरगोश मुस्कराया। “तुम्हारी ताल से साथ काम करना आसान हो गया!”

मिलकर ठीक हुआ मंच

खरगोश ने हल्के तख्ते जमा किए और लोमड़ी ने झुका सहारा सीधा किया। दूरी ने बराबर ताल से सबकी हरकतें जोड़ीं। तीनों ने मिलकर जाँचा, तो मंच फिर समतल हो गया।

नया संगीत

उन्होंने फिर अभ्यास शुरू किया। दूरी के ढम, ढम के बीच खरगोश की साफ़ घंटियाँ बजीं और लोमड़ी की चंचल ध्वनि नाचने लगी। तेज़ और धीमी आवाज़ों को अपनी-अपनी जगह मिल गई।

जंगल का संगीत समारोह

सूरज ढलने लगा, तो जंगल के दोस्त मंच के सामने इकट्ठा हुए। दूरी ने पहली ताल बजाई, तो खरगोश और लोमड़ी ने मुस्कराकर जवाब दिया। तीन दोस्तों का संगीत शाखों के बीच फैल गया।

सबकी आवाज़

आख़िरी स्वर शांत हुआ, तो प्यार भरी तालियाँ गूँज उठीं। दूरी ने दोस्तों के साथ कतार में झुककर अभिवादन किया। सबसे तेज़ बजाने की ज़रूरत नहीं थी। एक-दूसरे को सुनते तीन दोस्तों की आवाज़ ही काफ़ी थी।

आओ, बात करें

दूरी की धीमी ताल ने दोस्तों की कैसे मदद की? अपनी अलग-अलग खूबियों से तुम सब मिलकर क्या कर सकते हो, सोचो।

अगली ताल में भी साथ

छोटा संगीत समारोह समाप्त हुआ। अपनी रफ़्तार से ध्यान लगाकर सुनो। मिलकर बनाने के लिए अभी बहुत-सा संगीत बाकी है।

सामान्य पठन में सभी पन्नों के शब्द और चित्र क्रम से दिखाई देते हैं।

मौलिक कहानी · भिन्नता और सहयोग

कछुआ दूरी दोस्तों की तेज़ धुन के साथ नहीं चल पाता। बारिश से मंच टेढ़ा हो जाता है, तो दूरी की धीमी और बराबर ताल नए संगीत की शुरुआत बनती है।